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शराब के नशे में धुत व्यक्ति ने खुद ही पुलिस को मोबाइल गुम होने की 112 पर बार-बार कॉल कर मचाया हड़कंप, जांच में खुली हैरान करने वाली सच्चाई

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मधुबनी जिले के पंडौल थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने नशे की हालत में अपने ही मोबाइल को गुम बताकर डायल-112 पर बार-बार कॉल किया। पुलिस जांच में पूरी सच्चाई सामने आने के बाद मामला चर्चा में है।

मधुबनी/आलम की खबर:मधुबनी/आलम की खबर: बिहार के मधुबनी जिले से एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने न केवल पुलिस प्रशासन को उलझन में डाल दिया बल्कि स्थानीय लोगों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया। मामला पंडौल थाना क्षेत्र का है, जहां एक व्यक्ति ने शराब के नशे में धुत होकर अपने ही मोबाइल फोन को गुम बताकर डायल-112 पर लगातार कॉल करना शुरू कर दिया। शुरुआत में यह मामला सामान्य गुमशुदगी की शिकायत जैसा लगा, लेकिन जब पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो जो सच्चाई सामने आई उसने सभी को चौंका दिया।

यह मामला जिला के Madhubani अंतर्गत पंडौल थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां डायल-112 पर तैनात एएसआई उपेन्द्र कुमार यादव को एक ही नंबर से बार-बार कॉल आने लगे। कॉल करने वाला व्यक्ति बेहद परेशान होकर यह दावा कर रहा था कि उसका मोबाइल कहीं खो गया है और उसे तुरंत खोजा जाए। लगातार कॉल आने और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इसे सामान्य शिकायत नहीं मानते हुए तत्काल कार्रवाई करने का निर्णय लिया और टीम को मौके पर भेजा गया।

सुबह करीब 11:30 बजे पुलिस टीम सलेमपुर हॉल्ट के आसपास पहुंची और कॉल लोकेशन के आधार पर व्यक्ति की तलाश शुरू की गई। कुछ ही समय बाद पुलिस को सड़क किनारे एक व्यक्ति संदिग्ध हालत में पड़ा मिला। उसकी स्थिति देखकर ही पुलिस को अंदेशा हो गया कि वह नशे में है। जब पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने अपनी पहचान शाहपुर निवासी 47 वर्षीय सुरेन्द्र झा के रूप में बताई। हालांकि, वह स्पष्ट रूप से कुछ भी बता पाने की स्थिति में नहीं था और उसकी बातें लगातार बदल रही थीं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जब उससे मोबाइल गुम होने के बारे में विस्तार से पूछा गया तो वह कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सका। कभी वह कहता कि मोबाइल कहीं गिर गया है, तो कभी वह अपनी ही बात से पलट जाता। उसकी असंगत बातचीत और व्यवहार को देखकर पुलिस का शक और मजबूत हो गया कि वह शराब के नशे में है। इसके बाद उसे तत्काल थाने लाया गया, जहां उसकी स्थिति की औपचारिक जांच की गई।

थाने में ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट कराया गया, जिसमें शराब सेवन की पुष्टि हुई। इसके बाद उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पंडौल भेजा गया, जहां मेडिकल जांच में भी यह साफ हो गया कि उसने शराब का सेवन किया है। इस पूरी प्रक्रिया ने यह स्पष्ट कर दिया कि व्यक्ति नशे की हालत में मानसिक रूप से भ्रमित हो गया था।

सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब पुलिस ने कॉल डिटेल और नंबर की जांच की। पता चला कि डायल-112 पर जिस मोबाइल नंबर से लगातार कॉल किए जा रहे थे, वह नंबर उसी व्यक्ति सुरेन्द्र झा के नाम पर रजिस्टर्ड था। यानी वह जिस मोबाइल के गुम होने की शिकायत कर रहा था, वह मोबाइल वास्तव में उसके पास ही था और उसी से वह पुलिस को बार-बार कॉल कर रहा था।

यह खुलासा होते ही पुलिस भी कुछ देर के लिए हैरान रह गई। जांच में साफ हुआ कि नशे की हालत में व्यक्ति पूरी तरह भ्रमित हो चुका था और उसे यह तक याद नहीं रहा कि मोबाइल उसके पास ही मौजूद है। वह बार-बार अपने ही फोन से कॉल करके पुलिस से अपने ही मोबाइल की तलाश की गुहार लगा रहा था।

पुलिस का कहना है कि यह मामला शराब के नशे में होने वाली भ्रमित स्थिति का एक अनोखा उदाहरण है, जिसमें व्यक्ति वास्तविकता और भ्रम के बीच अंतर नहीं कर पाया। हालांकि, पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शराबबंदी कानून के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

स्थानीय लोगों के बीच यह घटना चर्चा का विषय बन गई है। लोग इस बात को लेकर हैरान हैं कि कैसे एक व्यक्ति अपने ही मोबाइल से कॉल करके अपने ही मोबाइल को खोजने की मांग कर सकता है। कुछ लोग इसे नशे के दुष्प्रभाव का उदाहरण बता रहे हैं, तो कुछ इसे लापरवाही और सामाजिक समस्या से जोड़कर देख रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं यह दिखाती हैं कि नशा व्यक्ति की सोच और निर्णय क्षमता को पूरी तरह प्रभावित कर देता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

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